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हमारे शरीर की हर क्रिया में मांसपेशी का इस्तेमाल होता है, अगर इन्हें किसी तरह का नुकसान हो या फिर कोई बीमारी जकड़ ले तो इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है। मानव शरीर में तीन तरह की मांसपेशियां होती हैं- स्केलटल, स्मूद और कार्डिया। स्केलटल मसल्स वे होती हैं जिन पर हमारा पूरा काबू होता है, वहीं स्मूद और कार्डिया मसल्स पर हमारा पूर्ण नियंत्रण नहीं होता। हम चाहें या न चाहें ये काम करती रहती हैं। स्मूद मसल्स पेट, ब्लड वेसल्स और आंतों में होती हैं तो कार्डिया मसल्स के टर्म का प्रयोग दिल की मांसपेशियों के लिए होता है।
मांसपेशी की बीमारी
मांसपेशियों से जुड़ी बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। हालांकि यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कुछ मामलों में उम्र और लाइफस्टाइल भी मसल्स डिजीज का कारण बन सकते हैं।
मसल्स डिजीज के कारण
* ज्यादा दबाव पड़ना
* जेनटिक डिसऑर्डर
* संक्रमण
* कैंसर
* जलन
* तंत्रिकाओं से जुड़ी बीमारी जो मांसपेशियों के फंक्शन पर असर डालती हैं।
लक्षण
यदि किसी व्यक्ति को मांसपेशियों से जुड़ी बीमारी या परेशानी है तो उसे इस तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं:
* मसल्स के प्रभावित होने पर व्यक्ति को कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है।
* मांसपेशियों में दिक्कत होने पर दर्द होता है और व्यक्ति को चलने, भागने, सीड़ियां चढ़ने या ज्यादा देर खड़े होने व बैठने में भी परेशानी होने लगती है।
* कंधों के आसपास की मसल्स में दिक्कत हो तो इसका असर चीजों को उठाने या पकड़ने पर भी दिखता है। दर्द के साथ ही ग्रिप भी ढीली हो जाती है।
* कई मामलों में प्रभावित मसल्स के हिस्से पर टीस उठती है जो तेज दर्द पैदा करती है।
* जलन का अनुभव भी मांसपेशियों में हुई परेशानी या बीमारी की ओर इशारा करता है।
-एजेंसियां

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