Loading...

शादीशुदा जिंदगी में कलह के पीछे फिजूलखर्ची, जोश में आकर खरीदारी जैसे आर्थिक पहलुओं का बड़ा हाथ होता है। कई बार तो इसी की वजह से पति-पत्नी के रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों को बड़ी समझदारी के साथ निपटाने की जरूरत होती है। संबंधों के बीच में पैसों को लाना नुकसानदेह होता है लेकिन मैरिड लाइफ में आपको बैलेंस बनाकर भी चलना पड़ता है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
आरोप न लागाएं
खराब फाइनेंशियल हैबिट्स और आपसी संवाद की कमी से रिश्तों में दरार आ जाती है। इसके बावजूद पति-पत्नी पैसे के मसले पर अक्सर बात नहीं करते हैं। अगर आप भी अपने जीवनसाथी से पैसे के बारे में बात नहीं करते हैं और बाद में आपको अहसास होता है कि दूसरा बेतहाशा खर्च करता है तो आपको क्या करना चाहिए? जवाब है कि एकदम गुस्से में आकर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। एक-दूसरे को गैरजिम्मेदार ठहराने से भी बचना चाहिए। इससे कोई समाधान नहीं निकलने वाला, बल्कि रिश्तों में कड़वाहट ही आएगी। ऐसे में आपको धैर्य रखने और अनाप-शनाप के खर्च की आदत बदलने के लिए रणनीति बनाने की जरूरत होगी। अगर आप खर्च पर अंकुश लगा रहे हैं तो आपको यह ध्यान में रखना होगा कि इसके दायरे में दोनों आएं, कोई एक नहीं।
साथ में बनाएं बजट
फिजूलखर्ची से निपटने में एक चीज बहुत कारगर तरीके से काम करती है और वह है बजट बनाना और फाइनेंशियल टारगेट सेट करना। दोनों पार्टनर मिलकर बैठें और इस पर प्लानिंग करें। जो भी फैसला करें, उसे लिखें। मौखिक योजना आमतौर पर हवा-हवाई साबित होती है। अगर आपको पता है कि कितना पैसा घर में आता है और खर्च और निवेश के बाद कितना बचता है तो अनाप-शनाप के खर्चों को रोकना काफी आसान हो जाएगा।
जॉइंट अकाउंट
संबंधों में चीजें इतनी सपाट नहीं होती कि एक नियम बनाओ और उसी पर चलो। पार्टनर के खर्च पर बहुत अंकुश लगाना समझदारी नहीं है क्योंकि इससे दूसरे के मन में कुंठा और निराशा आती है। साथ ही इससे खर्च पर काबू की जगह उसमें तेजी आ सकती है। ऐसे में दोनों पार्टनर्स के लिए एक जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाना अच्छा कदम होगा। जॉइंट अकाउंट में घर खर्च के लिए सैलरी का एक हिस्सा रखना चाहिए। इसके अलावा दोनों अपना-अपना पर्सनल अकाउंट रखें जिनमें अपने खर्चों के लिए पैसे डालें। इस पर किसी तरह की कोई रोक-टोक न हो।
कैश से करें ऐश
यह सलाह थोड़ी घिसी-पिटी लग सकती है लेकिन एक लिस्ट बनाकर और क्रेडिट कार्ड को घर पर छोड़कर शॉपिंग करने जाने से पैसा बचाने में काफी मदद मिलती है। अगर खर्च काबू में नहीं है तो आप अपने जीवनसाथी को कार्ड घर पर छोड़ने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा पार्टनर को ऑनलाइन शॉपिंग भी कम करने के लिए कहें।
प्लानर की लें मदद
कोई भी तरीका कारगर न साबित हो रहा हो तो फाइनेंशियल प्लानर की मदद लेने में ही भलाई है। वे खर्चों को बेहतर तरीके से मैनेज करने का तरीका आपको बताएंगे।
दूसरी ओर अगर खर्च केवल घबराहट या आत्मविश्वास की कमी के चलते हो रहा हो तो साइकोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर ऑप्शन होगा।
-एजेंसियां

The post शादीशुदा जिंदगी में कलह के पीछे आर्थिक पहलुओं का भी बड़ा हाथ appeared first on Legend News.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here